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जहां गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही को हैपà¥à¤ªà¥€ टाइम कहा जाता है, वहीं तीसरी तिमाही में पूरी सतरà¥à¤•ता बरतनी होती है। तीसरी तिमाही का मतलब यह है कि डिलीवरी का समय नजदीक है और शिशॠगरà¥à¤ में तेजी से विकास कर रहा है। इसलिà¤, तीसरी तिमाही में à¤à¤¸à¤¾ कोई काम न करें, जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलया या शिशॠको हानि पहà¥à¤‚चे। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने (25वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 28वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जरूरी जानकारियां दी गई हैं।
लेख के पहले à¤à¤¾à¤— में हम इस महीने में नजर आने वाले लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बोल रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में लकà¥à¤·à¤£ |
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में कà¥à¤› नठलकà¥à¤·à¤£ नजर आते हैं। जरूरी नहीं कि सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ अचà¥à¤›à¤¾ ही महसूस कराà¤à¤‚। कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ परेशानियां à¤à¥€ लेकर आते हैं। इस दौरान आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ महसूस हो सकता है :
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ : जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय बढ़ेगा और आप सातवें महीने में कदम रखेंगी, वैसे-वैसे आपको बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ महसूस हो सकते हैं। यह हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े संकà¥à¤šà¤¨ होते हैं, जो 30 सेकंड से à¤à¤• मिनट तक रह सकते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ को ‘फालà¥à¤¸ लेबर’ à¤à¥€ कहा जाता है (1)।
योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में वृदà¥à¤§à¤¿ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ होना सामानà¥à¤¯ है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ समय में यह किसी à¤à¥€ तरह के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक पहà¥à¤‚चने से रोकता है। समय के साथ-साथ शिशॠका सिर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ à¤à¤¾à¤— पर दबाव डालता है, जिस कारण योनि से रिसाव होने लगता है। हालांकि, यह सामानà¥à¤¯ है, लेकिन अगर आपको इस सà¥à¤°à¤¾à¤µ से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आने लगे, तो à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर लें।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से रिसाव होना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से रिसाव होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। यह गाढ़ा और पीले रंग का पदारà¥à¤¥ होता है, जिसे ‘कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤®â€™ कहते हैं। यह रिसाव दिन में किसी à¤à¥€ समय हो सकता है। जैसे-जैसे डिलीवरी का समय नजदीक आता है यह à¤à¤•दम रंगहीन हो जाता है और à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। यह जरूरी नहीं कि à¤à¤¸à¤¾ सà¤à¥€ के साथ हो, लेकिन अगर किसी को à¤à¤¸à¤¾ अनà¥à¤à¤µ हो, तो इसे सामानà¥à¤¯ समà¤à¥‡à¤‚।
अपच : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ होना आम है। इस दौरान अकà¥à¤¸à¤° पेट फूलना, छाती में जलन व जी-मिचलाना जैसा महसूस हो सकता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ तीसरी तिमाही में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है। शिशॠके विकसित होने से पाचन तंतà¥à¤° ठीक से काम नहीं कर पाता, जिस कारण अपच की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है।
ऊपर हमने पढ़े सातवें महीने के लकà¥à¤·à¤£, अब जानिठइस दौरान होने वाले शारीरिक बदलावों के बारे में।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के सातवें महीने में शरीर में होने वाले बदलाव
यह अब आपकी अंतिम तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ है। इस समय तक आपका पेट और बढ़ जाà¤à¤—ा और कई तरह के शारीरिक बदलाव देखने को मिलेंगे। नीचे हम बता रहे हैं कि सातवें महीने के दौरान शरीर में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं (2) :
सातवें महीने तक आपका वजन काफी बढ़ जाता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सामानà¥à¤¯ है। इस समय तक आपका करीब पांच किलो वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ने के कारण पेट पर खिंचाव के निशान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखने लगेंगे।
इस दौरान आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ नाà¤à¤¿ के ऊपर आ जाà¤à¤—ा और कà¤à¥€-कà¤à¥€ सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ ऊपर आने से आपको सोने में à¤à¥€ तकलीफ हो सकती है।
पहले के मà¥à¤•ाबले सà¥à¤¤à¤¨ और बड़े हो जाà¤à¤‚गे। निपà¥à¤ªà¤² के आसपास का रंग और गहरा हो सकता है।
इस समय पर आपका पेट लगातार बढ़ता जाता है, जिससे आपको चलने में और à¤à¥à¤•ने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
शरीर में हो रहे तेज रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के चलते शरीर में सूजन आना सामानà¥à¤¯ है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 7वें महीने के दौरान पैरों में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है।
वजन बढ़ने के कारण आपको सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
आइà¤, अब जानते हैं कि सातवें महीने में गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कैसी होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में बचà¥à¤šà¥‡ का विकास और आकार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने तक शिशॠका आधे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विकास हो जाता है।
आपका शिशॠअब बाहर की आवाजों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ दे सकता है और अंगड़ाइयों के साथ जमà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ लेता है।
इस महीने तक शिशॠकी पलकें और à¤à¥Œà¤‚ आ जाती हैं।
अब शिशॠआंखें खोल à¤à¥€ सकता है और बंद à¤à¥€ कर सकता है।
इसके अलावा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने के अंत तक शिशॠलगà¤à¤— 14 इंच लंबा हो जाता है और उसका वजन à¤à¤• किलो के आसपास हो सकता है (3)।
आइà¤, अब जानते हैं सातवें महीने के दौरान कैसी देखà¤à¤¾à¤² होनी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का सातवां महीना आखिरी तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ है। इस दौरान खास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है। आपकी जीवनशैली कैसी है, आप कà¥à¤¯à¤¾ खा रही हैं और किन चीजों से आप परहेज करती हैं, यह सब आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर असर डालता है। अब हम बात करने जा रहे हैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के खान-पान की।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में खाà¤à¤‚ ये चीजें |
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में आपको अपने खान-पान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की आखिरी तिमाही है, इसलिठआप जो à¤à¥€ खाà¤à¤‚ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खाà¤à¤‚, ताकि आपको और शिशॠको à¤à¤°à¤ªà¥‚र पोषण मिले। जानिठइस दौरान कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ(4) :
आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ : तीसरी तिमाही में खून की कमी से बचने के लिठà¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना चाहिà¤à¥¤
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जरूरी है। खासतौर से तीसरी तिमाही में। हालांकि, इस दौरान अतिरिकà¥à¤¤ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® लेने की जरूरत नहीं होती।
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना : मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® को अवशोषित करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह पैरों में होने वाली à¤à¤‚ठन से राहत दिलाता है।
डीà¤à¤šà¤ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना : डीà¤à¤šà¤ à¤à¤• फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ है, जो शिशॠके दिमागी विकास के लिठजरूरी है। इसके लिठआप कम सà¥à¤¤à¤° की मरकरी वाली मछली, संतरे का जूस, दूध व अंडा ले सकते हैं (5)।
फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ : शिशॠके रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और दिमागी विकास के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना जरूरी है। यह शिशॠको सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा जैसे विकार से बचाने में मदद करता है (6)। इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ à¤à¥€ देते हैं।
फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ : सातवें महीने के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ काफी बढ़ जाता है, जिस कारण पेट का पाचन तंतà¥à¤° ठीक से काम नहीं कर पाता। इस वजह से अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है। इससे बचने के लिठजितना हो सके फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाà¤à¤‚।
विटामिन-सी : आयरन को ठीक से अवशोषित करने के लिठविटामिन-सी का सेवन करना जरूरी है। विटामिन-सी के लिठआप संतरा व नींबू अपने खान-पान में शामिल कर सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में न खाà¤à¤‚ ये चीजें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में सीने में जलन, पैरों में सूजन व कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होना आम है। खान-पान में परहेज करने से इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से राहत पाई जा सकती हैं। जानिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठ:
मसालेदार और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैट वाली चीजें : आपको इस दौरान à¤à¤¸à¥€ सà¤à¥€ चीजें खाने से बचना चाहिà¤, जिनमें तेल-मसालों का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया गया हो। इनसे सीने में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है।
सोडियम का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² : शरीर में सूजन आना आम बात है। इससे बचने के लिठआपको सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ कम करनी होगी। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाली चीजें जैसे चिपà¥à¤¸, डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द आहार व बाजार का अचार खाना कम करना चाहिà¤à¥¤
कैफीन, अलà¥à¤•ोहल : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शराब, तंबाकू, सिगरेट और कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजें जैसे चाय-कॉफी के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ इनसे शिशॠके विकास में बाधा पहà¥à¤‚चती है (7)।
जंक फूड : इस दौरान जंक फूड जैसे- पीजà¥à¤œà¤¾, बरà¥à¤—र और बाहर की चाट-पकौड़ियां खाने से बचें। ये चीजें आपके पाचन को खराब करती हैं और इनमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ नहीं होते हैं। अगर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही मन करे, तो आप घर में ही ताजी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ जैसे गाजर, खीरा, टमाटर का सैंडविच खा सकती हैं। सैंडविच बनाने के लिठआप गेहूं के आटे की बà¥à¤°à¥‡à¤¡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
चूंकि वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना काफी फायदेमंद होता है, तो जानिठसातवें महीने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बारे में।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने के लिठवà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® हर किसी के लिठजरूरी है। यह आपको न सिरà¥à¤« शारीरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है, बलà¥à¤•ि तरोताजा à¤à¥€ रखता है। चूंकि, यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की आखिरी तिमाही है, इसलिठà¤à¤¸à¤¾ कोई आसन नहीं करना चाहिà¤, जिससे शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चे। आप चाहें, तो इस दौरान अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम और हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी सैर कर सकती हैं, लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शारीरिक गतिविधियां इस महीने में करने से मना की जाती हैं। फिर à¤à¥€ अगर आप वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने की इचà¥à¤›à¥à¤• हैं, तो à¤à¤• बार विशेषजà¥à¤ž से संपरà¥à¤• करें, वो आपकी शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ देखकर उचित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® बताà¤à¤‚गे।
सातवें महीने के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बाद आइठअब जानते हैं कि इस दौरान कौन-कौन से मेडिकल टेसà¥à¤Ÿ होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने के दौरान सà¥à¤•ैन और परीकà¥à¤·à¤£
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नियमित रूप से डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाना जरूरी है, ताकि शिशॠके विकास और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर नियमित रूप से नजर बनाई जा सके। जानिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में कौन-कौन सी जांच की जाती हैं :
इस दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके विकास की पूरी जांच करेंगे। शिशॠके दिल की धड़कन की जांच के लिठफीटल हारà¥à¤Ÿ रेट मॉनिटरिंग, आपका रकà¥à¤¤ संचार, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आकार व किसी तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ पता लगाने के लिठपेशाब की जांच की जाती है।
इसके अलावा, बायोफिजिकल पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤² टेसà¥à¤Ÿ (Biophysical profile test) व कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ टेसà¥à¤Ÿ (CST) किया जाता है। यह टेसà¥à¤Ÿ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की मदद से होता है, जिसमें शिशॠके दिल का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जांचा जाता है। यह जांच गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में होती है।
आपने जान लिया कि इस महीने में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ जांच होती है। अब जानते हैं कि आपको कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ सावधानियां बरतने की जरूरत होगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने के दौरान सावधानियां
इस दौरान, आपको अपनी दैनिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में सतरà¥à¤•ता बरतनी होगी। यहां हम कà¥à¤› सावधानियां बताने जा रहे हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का सातवां महीना सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से पार करने में आपकी मदद करेंगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में कà¥à¤¯à¤¾ करें?
खानपान : इस दौरान सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है सही खान-पान। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सातवें महीने में आप ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सेवन करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेकर अखरोट और समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
नियमित रूप से सैर करें : सातवें महीने में नियमित रूप से सैर करना, आपके लिठफायदेमंद रहेगा। इससे आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आसानी होगी।
नियमित रूप से जांच कराà¤à¤‚ : डॉकà¥à¤Ÿà¤° से नियमित रूप से जांच करवाना जरूरी है। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। अगर जांच में लगे कि शिशॠके लिठअतिरिकà¥à¤¤ पोषण की जरूरत है, तो अपनी खà¥à¤°à¤¾à¤• में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाने की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ आपकी है।
जरूरी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लें : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आप जो खा रही हैं, केवल उतना ही आपके लिठऔर शिशॠके लिठकाफी नहीं है। शिशॠका ठीक ढंग से विकास हो, उसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के बताठहà¥à¤ जरूरी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेना आवशà¥à¤¯à¤• है।
खà¥à¤¦ को वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रखें : डिलीवरी का समय जितना नजदीक आà¤à¤—ा महिला की घबराहट उतनी ही बढ़ सकती है। इसलिà¤, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न सोचते हà¥à¤ खà¥à¤¦ को वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रखने की कोशिश करें। आप चाहें, तो अपनी पसंदीदा किताब पढ़ सकती हैं या पसंदीदा संगीत सà¥à¤¨ सकती हैं।
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